एक दिन में उड़ गए 827,253,018,000 रुपये


इंडोनेशिया के शेयर बाजार में हाल ही में आई भारी गिरावट ने देश के सबसे अमीर उद्योगपतियों को जोरदार झटका दिया है। वैश्विक इंडेक्स प्रोवाइडर MSCI (Morgan Stanley Capital International) की एक अहम रिपोर्ट सामने आने के बाद बाजार में जबरदस्त बिकवाली देखी गई, जिससे अरबपतियों की कुल संपत्ति में अरबों डॉलर की कमी दर्ज की गई।




क्या है पूरा मामला?

MSCI ने अपनी रिपोर्ट में कुछ इंडोनेशियाई कंपनियों के वैल्यूएशन और शेयरहोल्डिंग पैटर्न को लेकर सवाल उठाए थे। रिपोर्ट में यह संकेत दिया गया कि कई कंपनियों में स्वामित्व संरचना (Ownership Structure) पूरी तरह स्पष्ट नहीं है और शेयरों पर नियंत्रण कुछ सीमित लोगों के हाथों में केंद्रित है।

रिपोर्ट के सामने आते ही निवेशकों में चिंता बढ़ गई और एक ही दिन में इंडोनेशिया के शेयर बाजार में तेज बिकवाली शुरू हो गई। इसका सीधा असर बड़े कारोबारी समूहों और अरबपतियों की संपत्ति पर पड़ा।

एक दिन में 22 बिलियन डॉलर की वैल्यू साफ

बाजार में आई इस गिरावट के कारण इंडोनेशिया के अमीरों की कुल संपत्ति के वैल्यूएशन में करीब 22 बिलियन डॉलर (लगभग 8.27 लाख करोड़ रुपये) की गिरावट दर्ज की गई। यह नुकसान बेहद कम समय में हुआ, जिसने वैश्विक निवेशकों का भी ध्यान खींचा।

सबसे ज्यादा नुकसान किसे हुआ?

इस गिरावट का सबसे बड़ा असर इंडोनेशिया के सबसे अमीर व्यक्ति प्रजोगो पंगेस्टु (Prajogo Pangestu) पर पड़ा। ऊर्जा और खनन सेक्टर से जुड़ी उनकी कंपनियों के शेयरों में तेज गिरावट देखी गई।

  • उनकी कुल संपत्ति में करीब 9 बिलियन डॉलर की कमी आई

  • ब्लूमबर्ग बिलियनेयर्स इंडेक्स के अनुसार अब उनकी नेटवर्थ घटकर करीब 31 बिलियन डॉलर रह गई है

  • केवल इसी साल उनकी संपत्ति में लगभग 15 बिलियन डॉलर की गिरावट दर्ज हो चुकी है

किन कंपनियों के शेयर गिरे?

प्रजोगो पंगेस्टु की जिन कंपनियों पर सबसे ज्यादा असर पड़ा, उनमें शामिल हैं:

  • Barito Pacific – जिसमें उनकी हिस्सेदारी लगभग 71% है

  • Petrindo Jaya Kreasi – कोयला और सोने के कारोबार से जुड़ी इस कंपनी में उनकी हिस्सेदारी करीब 84% बताई जाती है

एक ही दिन में इन दोनों कंपनियों के शेयरों में करीब 12% तक की गिरावट दर्ज की गई, जिससे निवेशकों में और घबराहट फैल गई।

परिवार की ओर से क्या कहा गया?

प्रजोगो पंगेस्टु के फैमिली ऑफिस की ओर से जारी बयान में कहा गया है कि वे MSCI की रिपोर्ट और उसमें दी गई टिप्पणियों की समीक्षा कर रहे हैं। साथ ही उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि सभी संबंधित पक्षों के साथ लगातार बातचीत की जाएगी, ताकि स्थिति को बेहतर ढंग से समझा जा सके।

क्यों हुई इतनी भारी बिकवाली?

विशेषज्ञों के मुताबिक, MSCI की रिपोर्ट के बाद निवेशकों को यह डर सताने लगा कि मौजूदा नियमों के चलते कंपनियों की असली स्वामित्व स्थिति साफ नहीं है। इससे:

  • शेयरों में अनियमित ट्रेडिंग का खतरा बढ़ता है

  • पारदर्शिता की कमी निवेशकों का भरोसा कमजोर करती है

  • बड़े निवेशक जोखिम से बचने के लिए तुरंत बिकवाली करने लगते हैं

MSCI ने यह भी इशारा किया है कि कुछ कंपनियों में शेयरों पर नियंत्रण बहुत सीमित लोगों या एक ही व्यक्ति के हाथ में है, जिससे बाजार में असंतुलन पैदा हो सकता है।

आगे क्या हो सकता है?

अगर इंडोनेशियाई बाजार में पारदर्शिता और शेयरहोल्डिंग नियमों को लेकर स्थिति स्पष्ट नहीं होती है, तो आने वाले दिनों में भी उतार-चढ़ाव देखने को मिल सकता है। हालांकि, लंबी अवधि में निवेशक सरकार और रेगुलेटरी संस्थाओं के कदमों पर नजर बनाए हुए हैं।

निष्कर्ष

MSCI की एक रिपोर्ट ने यह दिखा दिया कि वैश्विक बाजारों में भरोसा और पारदर्शिता कितनी अहम भूमिका निभाते हैं। इंडोनेशिया के सबसे अमीर कारोबारी को लगा यह झटका न सिर्फ देश के बाजार के लिए चेतावनी है, बल्कि उभरती अर्थव्यवस्थाओं के लिए भी एक बड़ा सबक है।

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